Mon. Sep 14th, 2020

जंगल में शेर और चूहा

एक जंगल में शेर और चूहा दोनों आस-पास रहते थे , एक बार शेर जंगल में सो रहा था जब चूहे ने मस्ती के लिए उसके शरीर के ऊपर-नीचे कूदना शुरू कर दिया। इससे शेर की नींद खराब हो गई, और वह काफी गुस्से में उठा और उसने चूहे को अपने पंजे में दबोच लिया । वह चूहे को खाने ही वाला था कि चूहे ने उसे मुक्त करने के लिए शेर से सख्त अनुरोध करने लगा । “मैं तुमसे वादा करता हूँ, अगर तुम मुझे छोड़ दोगे तो मैं किसी दिन तुम्हारी बहुत मदद करूँगा।” शेर चूहे के आत्मविश्वास पर हंस पड़ा और उसे जाने दिया।

शेर और चूहा
शेर और चूहा

 

एक दिन, कुछ शिकारी जंगल में आए और शेर को पकड़ लिया और अपने साथ ले जाने लगे । उन्होंने उसे एक पेड़ से बांध दिया। शेर बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था ।तभी उधर से चूहा गुजर रहा था और उसने देखा की कुछ शिकारी शेर को जाल में पकड़ कर ले जा रहे थे , चूहा ने शेर को देखते ही पहचान लिया और उसे शेर को दिया हुआ अपना वादा याद आ गया , और शेर को परेशानी में देखा और उसने उसकी मदद करने की ठानी।

उसने देखा कि शिकारी आपस में बात कर रहे हैं। जल्दी से, वह भागा और शेर को मुक्त करने के लिए रस्सियों पर चढ़ गया। और अपने तेज दांतो से रस्सी को काटने लगा और रस्सी काट कर शेर को मुक्त कर दिया और शेर और चूहा दोनों जंगल में भाग गए तब शेर ने चूहे को शाबाशी दी और अपने व्यव्हार के लिए माफ़ी माँगा ।

कहानी की नैतिक शिक्षा – Moral education of short story

A small act of kindness can go a long way. and One should never be considered small.

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